राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एक बार फिर एक्शन मोड में नजर आये अब की उन्होंने लापरवाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासनिक तंत्र में बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि राज्य में “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी के तहत अब तक एक आईएएस अधिकारी सहित कुल 103 अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है, जबकि 6 अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया... इसके अलावा 11 भ्रष्ट अधिकारियों की आजीवन पेंशन पर भी रोक लगा दी गई है और 108 मामलों में अभियोजन स्वीकृति दी गई है। यह कार्रवाई राज्य प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। हाल ही में पीएचईडी विभाग में पेयजल गुणवत्ता जांच से जुड़े एक गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई भी देखने को मिली। अलवर प्रयोगशाला के वरिष्ठ रसायनज्ञ प्रदीप कुमार हजरती पर आरोप था कि उन्होंने पानी के नमूनों की जांच में फर्जी रिपोर्ट तैयार की। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से उनकी सेवा समाप्त करने का आदेश दिया। वहीं कोटा में एसीबी कोर्ट से दोषी पाए गए तत्कालीन एपीपी हरिसिंह मीना को भी नौकरी से बर्खास्त किया गया, सरकार ने साफ़ तौर पर स्पष्ट किया है कि जनता के स्वास्थ्य, संसाधनों और विश्वास के साथ खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दास्त नहीं किया जायेगा।
सरकार द्वारा की गई कार्रवाई केवल निलंबन या बर्खास्तगी तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई अधिकारियों पर आजीवन पेंशन रोकने जैसे सख्त कदम भी उठाए गए हैं। इनमें बनवारी लाल मीणा, डॉ. शिवनारायण यादव, देवेन्द्र सिंह ढिल्लो, मनोहर लाल सिसोदिया, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद कोठारी, डॉ. कल्पना श्रीवास्तव, नृसिंह रेबारी, सुरेश माथुर, महेन्द्र सिंह, डॉ. लक्ष्मण दत्त शर्मा और डॉ. अविनाश कुमार शर्मा जैसे अधिकारी शामिल हैं, जिन पर भ्रष्टाचार या गंभीर अनियमितताओं के आरोप साबित हुए हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य एक संवेदनशील, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देना है। उन्होंने कहा कि जो भी अधिकारी जनता के धन का दुरुपयोग करने की सोचेगा या अपने पद का गलत इस्तेमाल करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का यह कदम राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
